मंगलवार, 18 मार्च 2014

होली से मिलते जुलते विदेशी त्योहार

जर्मनी में  'ईस्टर' के दिन घास का पुतला बनाकर जलाया जाता है। लोग एक दूसरे पर रंग डालते हैं। हंगरी का 'ईस्टर' होली के अनुरूप ही है।
तेरह अप्रैल को  थाईलैंड में नव वर्ष 'सौंगक्रान' प्रारंभ होता है, इसमें वृद्धजनों के हाथों इत्र मिश्रित जल होली  की तरह  डलवाकर आशीर्वाद लिया जाता है।
लाओस में  होली जैसा  पर्व नववर्ष की खुशी के रूप में मनाया जाता है। लोग एक दूसरे पर पानी डालते हैं। म्यांमर में इसे 'जल पर्व' के नाम से जाना जाता है।
अफ्रीका में 'ओमेना वोंगा' मनाया जाता है। इस अन्यायी राजा को लोगों ने ज़िंदा जला डाला था। अब उसका पुतला जलाकर नाच गाने से अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हैं।  अफ्रीका के कुछ देशों में सोलह मार्च को सूर्य का जन्म दिन मनाया जाता है। लोगों का विश्वास है कि सूर्य को रंग-बिरंगे रंग दिखाने से उसकी सतरंगी किरणों की आयु बढ़ती है।
पोलैंड में 'आर्सिना' पर लोग एक दूसरे पर रंग और गुलाल मलते हैं। यह रंग फूलों से निर्मित होने के कारण काफ़ी सुगंधित होता है। लोग परस्पर गले मिलते हैं।
अमरीका में 'मेडफो' नामक पर्व मनाने के लिए लोग नदी के किनारे एकत्र होते हैं और गोबर तथा कीचड़ से बने गोलों से एक दूसरे पर आक्रमण करते हैं। 31 अक्तूबर को अमरीका में सूर्य पूजा की जाती है। इसे  'होबो' कहते हैं। इसे होली की तरह मनाया जाता है। इस अवसर पर लोग फूहड वेशभूषा धारण करते हैं। 
चेक और स्लोवाक क्षेत्र में 'बोलिया कोनेन्से' त्योहार पर युवा लड़के-लड़कियाँ एक दूसरे पर पानी एवं इत्र डालते हैं। हालैंड का 'कार्निवल' होली सी मस्ती का पर्व है।
बेल्जियम की होली भारत सरीखी होती है और लोग इसे मूर्ख दिवस के रूप में मनाते हैं। यहाँ पुराने जूतों की होली जलाई जाती है।

इटली में  'रेडिका' त्योहार फरवरी के महीने में एक सप्ताह तक हर्षोल्लास से मनाया जाता है। लकड़ियों के ढेर चौराहों पर जलाए जाते हैं। लोग अग्नि की परिक्रमा करके आतिशबाजी करते हैं। एक दूसरे को गुलाल भी लगाते हैं।
रोम में इसे 'सेंटरनेविया' कहते हैं तो यूनान में 'मेपोल'ग्रीस का 'लव ऐपल' होली भी प्रसिद्ध है। स्पेन में भी लाखों टन टमाटर एक दूसरे को मार कर होली खेली जाती है।
जापान में 16 अगस्त रात्रि को 'टेमोंजी ओकुरिबी' नामक पर्व पर कई स्थानों पर तेज़ आग जला कर यह त्योहार मनाया जाता है।
चीन में होली की शैली का त्योहार 'च्वेजे' कहलाता है। यह पंद्रह दिन तक मनाया जाता है। लोग आग से खेलते हैं और अच्छे परिधानों में सज धज कर परस्पर गले मिलते हैं।
साईबेरिया में घास फूस और लकड़ी से होलिका दहन जैसी परिपाटी देखने में आती है।

नार्वे और स्वीडन में सेंट जान का पवित्र दिन होली की तरह से मनाया जाता है। शाम को किसी पहाड़ी पर होलिका दहन की भाँति लकड़ी जलाई जाती है और लोग आग के चारों ओर नाचते गाते परिक्रमा करते हैं।
इंग्लैंड में मार्च के अंतिम दिनों में लोग अपने मित्रों और संबंधियों को रंग भेंट करते हैं ताकि उनके जीवन में रंगों की बहार आए।

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End
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6 टिप्‍पणियां:

  1. विश्व के उत्सवों में रोचक समानता।

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  2. वाह! इतने देशों में होली जैसा त्यौहार मनाते हैं जानकार आश्चर्य हुआ और ख़ुशी भी.
    नोर्वे और स्वीडन में होली दहन की तरह का कार्यक्रम !एकदम नयी जानकारी मिली.
    बहुत बहुत आभार ज्ञान वर्धन के लिए.

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  3. Hi

    Mujhe aapka blog accha laga. Maine haal hi me ek hindi me blog likhna start kiya hai, Kripya aakar apne comments ya suggestions dijiye. Mere blog ka naam hai Dainik Blogger (http://dainikblogger.blogspot.in/)

    Thanks
    Ayaan

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