रविवार, 17 जनवरी 2010

C.M.Quiz-22 [यह कौन सी पारंपरिक युद्ध कला है]

क्विज संचालन ---- प्रकाश गोविन्द


Life is a Game, …
God likes the winner and loves the looser..
But hates the viewer…So……Be the Player
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आप सभी को नमस्कार !

क्रियेटिव मंच आप सभी का स्वागत करता है !
रविवार (Sunday) को सवेरे 10 बजे पूछी जाने वाली
क्विज में एक बार हम फिर हाजिर हैं !

सुस्वागतम
Welcome

लीजिये इस बार 'सी एम क्विज़- 22' एक बहुत ही आसान क्विज है आपके सामने ! सिर्फ छोटा सा एक प्रश्न ! आप चित्र को ध्यान से देखिये और हमें बताईये कि आखिर चित्र में हो क्या रहा है ??? इसे कहते क्या हैं ???
हमें आपसे संतुलित और बौद्धिक जवाब की आशा है !

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यह क्या है ?
111.psd
तो बस जल्दी से जवाब दीजिये और बन जाईये

C.M. Quiz - 22 के विजेता !
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पूर्णतयः सही जवाब न मिलने की स्थिति में अधिकतम सही जवाब देने वाले प्रतियोगी को विजेता माना जाएगा ! जवाब देने की समय सीमा कल यानि 18 जनवरी, दोपहर 2 बजे तक है ! उसके बाद आये हुए जवाब को प्रकाशित तो किया जाएगा किन्तु परिणाम में शामिल करना संभव नहीं होगा !
---- क्रियेटिव मंच
सूचना :
माडरेशन ऑन रखा गया है इसलिए आपकी टिप्पणियों को प्रकाशित होने में समय लग सकता है क्विज का परिणाम कल यानि 18 जनवरी को रात्रि 7 बजे घोषित किया जाएगा !
----- प्रकाश गोविन्द

विशेष सूचना :
क्रियेटिव मंच की तरफ से विजताओं को प्रमाणपत्र तीन श्रेणी में दिए जायेंगे ! कोई प्रतियोगी तीन बार प्रथम विजेता ( हैट्रिक होना जरूरी नहीं है ) बनता है तो उसे "चैम्पियन " का प्रमाण-पत्र दिया जाएगा

इसी तरह अगर कोई प्रतियोगी छह बार प्रथम विजेता बनता है तो उसे "सुपर चैम्पियन" का प्रमाण-पत्र दिया जाएगा !

किसी प्रतियोगी के दस बार प्रथम विजेता बनने पर क्रियेटिव मंच की तरफ से 'जीनियस' का प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा

C.M.Quiz के अंतर्गत अलग-अलग तीन राउंड (चक्र) होंगे ! प्रत्येक राउंड में 35 क्विज पूछी जायेंगी ! प्रतियोगियों को अपना लक्ष्य इसी नियत चक्र में ही पूरा करना होगा !
---- क्रियेटिव मंच

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27 टिप्‍पणियां:

  1. Kalaripayattu
    [picture mein they are fighting with sword and sheild]

    yah Kerala ka traditional amrtial art jaisa hi hai.

    The techniques of Kalaripayattu were used at one time in the battlefields. In the modern times, Kalaripayattu has no role in battlefields and its importance is confined to three aspects:

    * It is a good exercise to alert the body and mind.
    * It is a very good visual art.
    * It is useful for self-defence.


    In Kalaripayattu, starting from simple breathing exercises, a person can awaken the total dynamism of his body and can tune it in a way he wishes.

    Moreover the study of Kalaripayattu will enable a person to develop four powers ('karuthu') which are:

    * Meikaruthu: power of the body.
    * Manakaruthu: power of the mind.
    * Ankakaruthu: power to combat.
    * Ayudhakaruthu: power to wield weapons.

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  2. Kalarippayattu is a Dravidian martial art from Kerala, India. Possibly one of the oldest fighting systems in existence, it is practiced in Kerala and contiguous parts of Tamil Nadu and Karnataka] as well as northeastern Sri Lanka and among the Malayalee community of Malaysia. The word is spelled variously as kalari payat, kalarippayatta, kalaripayatt and many others depending on the dialect and romanisation system used.

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  3. मणीपुर के मार्शल न्रित्य शैली।

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  4. डांस हो रहा है .. क्षेत्रीय डांस है . पर कहां का .. ये याद नहीं आ रहा !!

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  5. Kalari' or 'Kalaripayyat' is the exclusive martial arts legacy of Kerala.

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  6. अब मिला सही जबाब ..
    Kalari Payatte - The martial art of kerala

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  7. yah ek lok nratya hai.
    chhatisgadh ki jan jaatiyon dwara

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  8. yah kisi play (naatak) ka scene hai. west bengal men naatak kee parampara bahut purani hai.

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  9. yudh ka drashy jo kisi theatre men kalakaron dwara ho raha hai.

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  10. south kee kisi film ka scene. special effect diya gaya hai.

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  11. maine iske baare men kahin padha hai. yah bharat ki koyi bahut purani yudh kala hai. shayad punjab kee.

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  12. मुझे तो यह चित्र दिखाई दे रहा है, जिस मै दो यॊ...अजी पता नही मुझे यह क्या है

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  13. केरल की तलवारबाजी दिखाता नृत्य..

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  14. मानवी जी,


    यह तलवारबाजी नृत्य का दृश्य है... ऐसा नृत्य, नृत्य नाटकों या नृत्य नाटिकाओं में प्रदर्शित किया जाता है... केरल राज्य से सम्बंधित है...


    शुभ भाव

    राम कृष्ण गौतम

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  15. केरल राज्य की परम्पराओं को प्रस्तुत करते इस नृत्य को कलारिपयेट्टू (Kalaripayettu) कहते हैं... यह मार्शल आर्ट पर आधारित है...
    इसमें दो तलवारबाज एक दूसरे पर प्रहार करते
    हुए अपनी कौशल का प्रदशन करते हैं...



    शुभ भाव

    राम कृष्ण गौतम

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  16. यह चित्र कलारीपयट्टू (Kalaripayattu ) लड़ाई की एक कला है, जो शक्ति और अनुशासन और मन के ध्यान के साथ शरीर के लचीलेपन को जोड़ती है. कलारीपयट्टू योग और आयुर्वेद से संबंधित है. यह मार्शल कला है.



    कलारीपयट्टू (Kalaripayattu) संभवतः सबसे पुराना युद्ध अभी भी दुनिया में प्रचलित कला है. यह मार्शल कला केरल, भारत से सम्बंधित है, कलारी से "कलारी" या क्षेत्र का नाम निकला है, जिसमें लड़ाई लड़ने और 'payattu "जो मलयालम में "अभ्यास" केरल की भाषा का अर्थ है. एक थियेटर जहां Kalaripayattu के शिष्य अपनी शक्ति प्रदर्शित करते है. आजकल Kalaripayattu फिटनेस प्रशिक्षण के रूप में अधिक एक प्रदर्शन खेल है, जिसे आप केरल Backwater के रूप में प्रचलित है, केरल के पर्यटन पर देख सकते हैं . केरल के सरदारों की सेनाओं में शूरवीरों द्वारा एक लड़ाई कौशल के रूप में प्रचलित था. दरबारियों और जमींदारों के बीच टकराव को अक्सर, Kalaripayattu के bouts द्वारा निपटारा किया जाता था.

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  17. रक्षात्मक युद्धकला का प्रदर्शन

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